भोर की इस ठंडी हवा में,
एक नया सवेरा आया है।
अंधेरे को चीर कर सूरज,
अपना नया उजाला लाया है।
उठो धरा के वीर सिपाहियों,
सपने नए सजाने हैं।
मंजिल तक पहुँचने के खातिर,
आज कदम बढ़ाने हैं।
हर एक दिशा में बिखरी है,
उम्मीदों की नई किरण।
खुशियों से महक उठे तुम्हारा,
यह प्यारा सा सारा जीवन।