वक्त ने चेहरे पर झुर्रियां और कंधों पर जिम्मेदारियां भले ही रख दी हों,
मगर अंदर का वो जिद्दी बच्चा आज भी हर मुश्किल से अकेले ही लड़ना जानता है।
तजुर्बा कहता है कि जिन्हें कभी रास्ते भर कांटे चुभोए गए थे,
वही लोग आगे चलकर दुनिया के लिए सबसे मजबूत पुल बनते हैं।