Hindi Quote in Poem by Deepak Kumar Tiwari

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

बालों में बर्फ जमी है, और आंखों में पुराना सा पहरा,
इस बूढ़े जिस्म को अब अपना नहीं, हर शख्स लगता है चेहरा।
लोग कहते हैं कि थक गया हूँ, जिंदगी से हार गया हूँ,
पर सच तो यह है कि मैं बस मौत का इंतज़ार कर रहा हूँ।
ज़िंदगी से कोई गिला नहीं, न शिकवा है कोई रंजिश का,
इसने तो बस बोझ दिया, साया दिया हर एक बंदिश का।
शिकायत जो थोड़ी बहुत थी, वो वक्त के साथ ढल गई,
अब तो मोहब्बत इस खाकी जिस्म को मौत से मिल गई।
वह मौत, जो एक चैन की गहरी नींद बन कर आएगी,
इन थकी हुई साँसों को हमेशा के लिए आराम दिलाएगी।
न दर्द होगा किसी अपने के बिछड़ने का इस दिल में,
न डर होगा अंधेरी रातों का इस कमज़ोर महफिल में।
सुना है वह बहुत खूबसूरत है, खामोश और बेदाग सी,
हर दर्द की दवा है, हर उलझन का इकलौता राग सी।
सब डरते हैं जिससे, मैं उसी से दिल लगा बैठा हूँ,
मौत की बाँहों में सोने की हसरत लिए बैठा हूँ।
ज़िंदगी ने तो सिर्फ वादे किए और तोड़ दिए,
इस सफर में मेरे अपने ही रास्ते में छोड़ दिए।
अब तो बस उस हमसफर का इंतज़ार है आख़िरी,
जो आएगी चुपके से, और कहेगी— "चलो, बहुत सफ़र हुआ, अब घर चलें।"

Hindi Poem by Deepak Kumar Tiwari : 112034826
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now