उम्मीद जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी है बिना आशा या उम्मीद के जीवन नहीं किया जा सकता लेकिन तब क्या हो जब आपकी उम्मीद खुद से अपने परिवार से यहां तक की अपने जीवन से भी कुछ ज्यादा ही बढ़ जाए तब वही उम्मीद एक बोझ बन जाती है क्या यह सच नहीं है कि आज के टाइम में एक्सपेक्टेशन बहुत ज्यादा बढ़ गई है किसी को पिक्चर परफेक्ट लाइफ दिखानी है किसी को सबसे आगे निकलना है किसी को अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीनी है लेकिन तब क्या जब इन सब का बोझ आप खुद पर ही डाल लेते हैं अरे मैं तो ऐसा सोचा था पर ऐसा नहीं हुआ तो यह याद रखने की जरूरत है कि जो जिंदगी आज आप जी रहे हैं वह भी शायद किसी का सपना हो सकती है अपने सपने पूरे करने की कोशिश कीजिए लेकिन उनको खुद पर बोझ मत बनने दीजिए क्योंकि जब खुद के सपने बोझ बन जाए तो जीना बहुत मुश्किल हो जाता है आप किसी भी पल को खुलकर जी ही नहीं पाते