एक बुद्धिमान व्यापारी का प्रश्न।
----------------------------
प्रश्न : १२ साल से जो बिज़नेस किया और पिछले ८ साल से जो सफल हो रहा था, वह अचानक ठीक नहीं चल रहा, अब ऑफिस जाने का मन कम हो रहा है, स्टाफ की सेलेरी देना मुश्किल हो गया है, कभी कभी पूरा दिन खाली होता है ,१ पैसे की कमाई देखने को नहीं। किसी ने धंधा बाँध दिया है, तंत्र मंत्र करवाया है?
उत्तर:
आप बड़े समझदार और व्यहवारिक इंसान है, १२ साल से बिज़नेस कर रहे है और आप जानते है की शुरुवात में आपने भी शून्य से चालू किया, आप को बिजनेस जमाने में ४ साल लगे, और ८ साल प्रगति का स्वाद आपने चखा है। आप बिजनेस के तीन नियम समझ ले।
(१) धंधा कभी अचानक से कम या बंद नहीं होता। इसका ट्रेंड आप को पहले से ही दिखाई देता है।
(२) धंधा कभी हर समय एक जैसा रहता नहीं उतार चढ़ाव हमेशा दिखता है। प्रोडक्ट,सेवा ,सुविधाएं और मार्केटिंग इस पर असर करते है।
(३) कोई भी धंधा बाह्य परिस्थितियों से अप्रभावित नहीं रहता, जैसे सरकार के निर्णय,वैश्विक राजनीति, स्पर्धा का वातावरण, अर्थव्यवस्था और ग्राहक एवं बाजार का रुझान इस पर असर करता है।
इन तीन नियमों को ध्यान में रखकर ही धंधा चलता है। इन तीनों कारणों पर चिंतन करना और समय समय पर अपने निर्णयों को बदलते रहना ही एक बिजनेसमैन का कार्य है। क्योंकि इन तीनों नियम अगर कह रहे है कि धंधा बंद करना चाहिए या उसमें परिवर्तन चाहिए तो ही कठिन निर्णय लेना होगा। अगर व्यापारी इन सभी प्रश्नों के व्यहवारिक उत्तर ढूंढने की बजाए तंत्र ,मंत्र या धंधे का बंधन जैसी मान्यताओं में उलझ गया तो फिर उसकी ऊर्जा भी कम होती चली जाएगी।
आपने जब काम शुरू किया था, तो आप अद्भुत ऊर्जा,उत्साह और सकारात्मकता से भरे हुए थे। फिर अपने जब प्रगति का स्वाद चखा तो भी आप की मनोदशा उन्नति के शिखर पर थी। परन्तु अब जब समय ने करवट बदली तो आप चिंतित होते है, मनोदशा की यही गिरावट आप को अंदर से विचलित करती है।
Unity - एकता , Peace - शांति Spontaneity- सहजता / स्वाभाविकता. Focus- एकाग्रता / ध्यान Creativity - रचनात्मकता / सृजनशीलता Clarity - स्पष्टता Passion - जुनून / उत्साह Enthusiasm - उत्साह / जोश Curiosity - जिज्ञासा / उत्सुकता
यह ९ प्रकार की मनोदशा में अधिकतर समय रहने वाला व्यक्ति कभी अंतर से दुखी नहीं होता, परन्तु यदि परिस्थितियां आपको इन नव मनोदशा में से गिराती है तभी आप को भय,पीड़ा,चिंता,द्वंद,संशय पकड़ते है।
इन तीन नियमों और नव मनोदशाओं पर ध्यान दे तो आपको निर्णय लेने में आसानी रहेगी।