कागज़, कलम और सपनों का जहान,
हर पन्ने पर लिखी है एक नई उफ़ान।
थक कर बैठना हल नहीं राहों का,
तुझमें भी छुपा है एक नया आसमान।
कांटों से भरी राह भी अब हंसकर पार कर,
अपनी ही ज़िद से तू खुद को तैयार कर।
जो कल तक मुमकिन न लगा किसी को,
उसी नामुमकिन को तू आसान कर।
खामोशी को अपनी ताकत बना ले तू,
हर नाकामी को एक नई सीख बना ले तू।
शोर मचाएगी एक दिन तेरी कामयाबी,
बस आज अपनी लगन पर पूरा यकीन रख तू।