कम बोलने वाले अक्सर शांत और एकाग्र दिखाई देते हैं. वे बोलने से ज़्यादा देखने, सुनने और समझने पर ध्यान देते हैं. उनका सूक्ष्म अवलोकन अंतर्दृष्टि को तीक्ष्ण बना देता है, जिससे वे अनकही बातें भी भाँप लेते हैं. शायद इसी वजह से उनकी कही कुछ बातें अक्सर सच के क़रीब उतरती हैं…🤍:)