घर जैसा कोई महल नहीं
ये बड़े बड़े 5 star तो ऐसे ही हैं
गाँवों के लोगों जैसा प्यार नहीं
घर में परिवार से बड़ा कोई त्योहार नहीं
मां जैसा दुलार, दादी जैसा प्यार नहीं
पापा जैसी डांट, दादा जैसा परिवार नहीं
भाई जैसा साथी, बहन जैसा बंधन नहीं
यार जैसा यार नहीं अपनो जैसा प्यार नहीं
घर जैसा माहौल नहीं गाँवो जैसा प्यार नहीं, सच कहु तो शहर से भी बढ़कर गांवों जैसा प्यार नहीं .............