हमें एक बात अच्छी से समझनी चाहिए
जीभ का इस्तेमाल दो कामों में सबसे ज्यादा होता है—खाने और बोलने में।
खाने में अगर जीभ फिसल जाए, तो दाँत उसे काट देते हैं, दर्द होता है, लेकिन घाव समय के साथ भर जाता है।
लेकिन बोलते समय अगर जीभ फिसल जाए, तो उसके शब्द सिर्फ़ कानों तक नहीं पहुँचते—वे कभी-कभी रिश्तों, सम्मान और पूरे व्यक्तित्व पर ऐसा घाव कर जाते हैं, जिसका सुधार आसानी से नहीं होता।
इसलिए खाने से पहले नहीं, बोलने से पहले जीभ पर लगाम रखना ज़रूरी है।
क्योंकि दाँतों से लगी चोट भर जाती है, लेकिन शब्दों से लगी चोट अक्सर उम्रभर याद रहती है।