हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग भी होते हैं,
जो गलती खुद करते हैं और इल्ज़ाम दूसरों पर लगाते हैं।
उन्हें शायद ये एहसास नहीं होता कि
गलती छुपाई जा सकती है, लेकिन चरित्र नहीं।
अपनी गलती की ज़िम्मेदारी लेना इंसानियत है,
और उसे किसी दूसरे के सिर मढ़ देना—मक्कारी।