कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में
सिर्फ़ हमें प्यार सिखाने के लिए आते हैं…
हमें यह एहसास दिलाने के लिए
कि कोई इतना प्यारा भी हो सकता है।
और फिर न जाने कब,
उस एक इंसान से
बेपनाह मोहब्बत हो जाती है…
इतनी कि उसकी चाहत
हमारी आदत बन जाती है।
शायद इसलिए कहते हैं,
कि मोहब्बत अधूरी ही अच्छी होती है…
क्योंकि मुकम्मल होते ही
कहीं न कहीं उसके मायने बदल जाते हैं।
जिस इंसान के न मिलने का यक़ीन हो,
उसके लिए तड़प भी अलग होती है…
हर पल उसकी कमी महसूस होती है,
हर दुआ में उसका नाम होता है।
मगर जब यही यक़ीन हो जाए
कि वो इंसान हमारे पास है,
तो शायद हम
उसकी क़दर करना भूल जाते हैं…
शायद मोहब्बत की फ़ितरत ही ऐसी है—
जिसे पाने की चाहत हो, उसकी तड़प रहती है,
और जिसे पा लें…
उसकी अहमियत समझने में देर लग जाती है।
रूहानिका बंसल ✍️