सुबह की आस🌸🌸
रोज़ सुबह मेरे आँगन में
चिड़ियों की सुनती हूँ गूँज नई।
उस गूँज के साथ मिलती मुझे
कुछ पाने की आस नई।
उस आस में छिपा हर हौसला
दिखलाए मंज़िल एक नई।
हर सुबह की सुनहरी किरण
भर दे जीवन में रोशनी नई।
हर सुबह की मधुर उजियारी
जगाए कुछ करने की चाह नई।
जीवन का हर स्वर्णिम सवेरा
देता हमको संदेश यही—
दीप की कलम से✍️✍️