घर
लड़की का घर कौन-सा होता है?
क्या वह, जहाँ उसका जन्म होता है?
या वह, जहाँ उसकी शादी होती है?
सोचती हूँ... शायद कोई भी नहीं।
जन्म के घर में उसे
"पराया धन" कह दिया जाता है,
और ससुराल में अक्सर
"बाहर से आई हुई लड़की"।
फिर उसका अपना घर कहाँ है?
शायद...
घर कोई पता नहीं होता,
न ही चार दीवारों का नाम।
लड़की का असली घर
वह होता है,
जिसे वह अपने प्यार,
अपने संघर्ष
और अपने आत्मसम्मान से
खुद बनाती है।
दीपांशी गर्ग ✍️