मैं चाहता हूँ कि तुम्हारी नज़र जब आसमान के किसी सितारे पर ठहरे,
तो उनमें से एक नज़र मेरी भी हो।
चाहता हूँ कि जब तुम चलो चार कदम,
तो उनमें से दो कदम मेरे हों।
चाहता हूँ कि जब-जब तुम लो साँस,
तो हर दूसरी साँस मेरी हो।
और जब भी आये खुशी के अनगिनत लम्हे तुम्हारे जीवन में,
तो उनमें से एक लम्हा मेरा हो।
मैं सिर्फ तुम्हे नहीं चाहता, मैं चाहता हूं तुम्हारे हर एक सपने को जो तुम खुली आंखों से देखती हो।