कागज़
कागज़ का अपना ही महत्व है,
अपनी एक अलग ही अहमियत है।
कहीं यही कागज़ अनोखे रिश्ते जोड़ देता है,
तो कहीं बरसों पुराने रिश्ते तोड़ देता है।
कहते हैं रिश्ते दिलों से बनते हैं,
मगर आजकल उनकी पहचान भी
कुछ चंद कागज़ों की मोहताज हो गई है।
वक़्त ने अजीब दस्तूर बना दिया है,
अब इंसान से पहले
उसके कागज़ देखे जाते हैं।