जीवन के रंग हौसलों के संग।
कभी खुशी, कभी ग़म,
यही है जीवन के रंग।
इसकी एक कहानी सुन,
हौसलों की एक डोर बुन।
उस डोर पर तू अटल चल,
डगमग हो तो तू फिर संभल।
अपनी मंज़िल की राह तू चुन,
उस राह पर गुनगुना एक धुन।
उस धुन से एक हौसला बढ़ेगा,
सपनों को नया आसरा मिलेगा।
कभी खुशी, कभी ग़म,
यही है जीवन के रंग।
दीप की कलम से ✍️