याद आए वो प्यार का मौसम,
मुस्कुराते बहार का मौसम ।।
द्वार ड्योढी दलान दर आँगन,
खिलखिलाते दुआर का मौसम ।।
तितलियां फूल फूल पर भौंरे,
कँपकँपाते तुषार का मौसम ।।
खेत खलिहान बाग बागीचा,
सरसराते बयार का मौसम ।।
ताल, पोखर, नहर, नदी, कूआँ,
झमझमाते फुहार का मौसम ।।
डाॅ.विजय प्रताप शाही