कितना आसान है कहना " कोई बात नहीं अगली बार मेहनत करना"।
हा मैं मानती हु मेहनत मैं फिर से कर लूंगी।
लेकिन पहले जैसे आत्मविश्वास कहा से ला पाऊंगी
खुद से नजरे कैसे मिला पाऊँगी
घरवालो को कैसे बता पाऊंगी उनकी बेटी असफल हो गई।
तुम सोचो मुझ पर क्या गुजर रही है
मैं कैसा महसूस कर रही हु
भविष्य में चारों तरफ बस अंधकार दिख रहा है।
कई मैं काजल की कोठरी में तो नहीं आ गई
मेरे कान्हा ने कहा बस मेहनत करो
मेरा प्रश्न है कान्हा तुमसे क्या कमी रह गई थी मेरी मेहनत मे
क्या मैं सफल होने लायक नहीं थी।
दिल के हजार टुकड़े को कैसे समेट पाऊंगी।
तुम नहीं आए माधव अपनी सखी की लाज बचाने
मैं खुद से शिकायत कर रही हु क्यों किया मैंने तुम पर भरोसा।
मैं अपनी प्रार्थनाओं को वापस लेती हु और तुम्हे धन्यवाद देती हु।
मुझे फिर से याद दिलाने के लिए कोई भरोसे के लायक नहीं होता।
अब बस मुझे खुद हिम्मत करके लोगो का सामना करना होगा।
✍️ अंतिमा 😊