मैं और मेरे अह्सास
जाने क्यूँ
जाने क्यूँ लोग जाम पिया करते हैं?
फक्त जीने के लिए जिया करते हैं?
चार दिन खुश रह दिल बहलाने l
मोहब्बत का दर्द लिया करते हैं?
नज़दीक जाने में रुस्वाई के डर से l
दूर से ही दीदार किया करते हैं?
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह