सब झूठे हैं यहाँ तो सच्चा कौन हैं
अब दो तरफा प्यार करता कौन हैं
मेरी मंजिल में सिर्फ मैं ही रहूं
इस सच से यहां डरता कौन हैं
कल भी अकेले थे आज भी अकेले हैं
जमाने की परवाह अब करता कौन हैं
मैं रूक नहीं सकता ये सोचकर
अब मुझें याद करता कौन हैं ......
Priya kashyap.....