🥀 आख़िरी ख़त: विदाई के नाम 🥀
"ये खत नहीं, मेरे दिल के टुकड़े हैं जो तुझे लिख रही हूँ, ✍️
अपनी खुशियों की विदाई का मंजर खुद देख रही हूँ। 🥺
बहुत कोशिश की मैंने, अपनों को मनाने की बहुत मिन्नतें
कीं, 🙏
पर माँ-बाप की ज़िद और भाई की लाज के आगे घुटने टेक रही हूँ।" 💔
"वो नहीं मान रहे, उन्हें मेरी पसंद की परवाह नहीं, 🚫
उनके फैसले के आगे अब मेरा कोई बस नहीं। 😔
मजबूरी में बंध रही हूँ किसी और के अटूट बंधन में, ⛓️
पर इस रूह पर किसी और का कभी अधिकार नहीं।" 💍❌
"इस जनम में तो साथ मुकद्दर में नहीं लिखा था हमारे, ⛈️
पर वादा है मेरा, हर सांस अब भी कटेगी नाम पर तुम्हारे। 💓
अगले जनम में खुदा से सिर्फ तुझे ही मांग कर आऊंगी,
✨
तब तक के लिए विदा, ओ मेरे दिल के सबसे प्यारे।" 👋😭
🥀 अंतिम विदाई का दर्द 🥀
"बिछड़ रही हूँ तुझसे, पर धड़कन तेरे पास छोड़ जाऊंगी, ❤️🩹
अपनी हर अधूरी ख्वाहिश का हिसाब अगले जन्म पर छोड़ जाऊंगी। ⏳
लोग कहेंगे कि मैं किसी और की दुल्हन बनकर चली गई, 👰♀️
पर मैं अपनी रूह की वफ़ा, सिर्फ़ तेरे नाम पर छोड़ जाऊंगी।" 🕊️🌹