Hindi Quote in Poem by Sanjay Sheth

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

“ब्रेकिंग न्यूज़ का रंगमंच”

दूरदर्शन का वो ज़माना था,
चेहरा सादा, स्वर भी सुहाना था,
सीधे पढ़ते थे जो समाचार
हम कहते थे, “न्यूज़ रीडर” हमारा था।

फिर बदला दौर, बदली बोली,
साहस की बातें, आवाज़ अनोखी,
कैमरे लेकर सच के संग,
कहलाए सब “पत्रकार” बड़े संजोई।

फिर आया वो मंजर काला,
मुंबई पर जब टूटा ज्वाला,
TRP की भूखी टोली ने
दर्द को भी बना डाला तमाशा निराला।

फिर सच धीरे-धीरे खो गया,
झूठ का सिक्का चलने लगा,
स्टूडियो में चीखों का मेला,
संयम का सूरज ढलने लगा।

हर शाम अदालत सजती है,
हर एंकर जज बन बैठा है,
तथ्य बेचारा कोने रोता,
मत का बाज़ार सजा बैठा है।

फिर आया “ऑपरेशन सिंदूर” का रंग,
रंग से ज्यादा था उसमें ढंग,
कहानी ऐसी गढ़ दी सबने,
जैसे सच हो बस उनका संग।

अब तो हाल ये हो बैठा है
न कोई रीडर, न पत्रकार,
स्क्रिप्ट थामे कलाकार खड़े हैं,
चेहरे पर गंभीरता, भीतर व्यापार।

जो सबसे ऊँचा चिल्लाए,
वही नंबर वन कहलाए,
दुनिया के आख़िरी पायदान वाले भी
यहाँ शिखर पर ध्वज फहराए।

माइक नहीं, ये जादू की छड़ी है,
शब्द नहीं, अभिनय की लड़ी है,
सवाल नहीं, बस संवाद रटे हैं,
सच्चाई फिर भी पड़ी-पड़ी है।

हे दर्शक! आँखें खोल ज़रा,
हर फ्रेम में मत डूब ज़रा,
जो दिखता है हरदम सच हो
ये मान लेना भी भूल ज़रा।

समाचार अगर रंगमंच बने,
तो समझो पर्दा गिरना है,
सच को फिर से आवाज़ मिले
ये काम हमें ही करना है।

संजय शेठ

Hindi Poem by Sanjay Sheth : 112016191
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now