#Jagjit_nd_Gulzar
जाना है जाना है चलते ही जाना है
ना कोई अपना है ना ही ठिकाना है
सब रास्ते नाराज़ हैं,
मंजिल की आहटों से, राही बेगाना है
जाना है जाना है, चलते ही जाना है
क्या कभी साहिल भी तूफ़ान में बहते हैं
सब यहाँ आसां है , हौसला कहते हैं
शोलों पे कांटो पे, हंस के चल सकते हैं
अपनी तकदीरों को, हम बदल सकते हैं
बड़े हालात में, दिल को समझा है
जाना है जाना है, चलते ही जाना है
ख्वाबों की दुनिया में, यादों के रेले में
आदमी तन्हा है, भीड में मेले में
जिंदगी में ऐसा, मूड भी आता है
पौं रुक जाता है, वक्त था जाता है,
ऐसे में तो मुश्किल, आगे बढ़ना है जाना है जाना है
चलते ही जाना है