20/09/2025
“अनजान प्रेम”
मैं तुमसे क्यों मिला ?
और तुम्हें गलती से कहा खो बैठा ?
ये अनजान और संगदिल प्यार
मैं कभी भुला नहीं सकता ।
तुम्हारे बिना मेरा दिल
टूटा हुआ शीशा है,
और जिसके टुकड़े भी है
तुम्हारी यादों से सजे हुए ।
मैं इसे कैसे बया करू?
मेरा दिल भी सिर्फ
तुम्हारे लिए धड़कता है !
मेरी आंखें हर पल तुम्हें ही ढूँढे
मैं बेसहारा हु और कही खो गया हूँ।
मेरा प्यार सच्चा है, मगर
उसका अहसास होने से पहले ही
गलती से तुम्हें कही खो बैठ ।