साल के आख़िरी मोड़ पर हम खड़े हैं,
मैं अपनी तन्हाई को ओढ़े नए साल में क़दम रखूँगा,
और तुम किसी और की बाहों में
नए साल की नई कहानी लिखोगी।
बिछड़ते वक़्त तुम्हारी वो बात आज भी याद है—
तुम कहती थी,
तुम्हें मुझसे ज़्यादा हसीन लड़की मिलेगी,
जो तुम्हें बेइंतहा मोहब्बत करेगी।
काश तुम्हें समझा पाता,
कि लड़कियाँ दिल से ज़िंदा मर्दों से इश्क़ करती हैं,
मुर्दों से नहीं।
तुम्हें किसी और का इश्क़ मुबारक,
मुझे मेरी अधूरी साँसों की तन्हाई मुबारक।
- Nilesh Tank