९…"But, I like you…"
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मैंने तुम्हें देखा,
लेकिन यह तुम्हें नहीं बताया जा सकता।
तुम मेरे भीतर हो,
जैसे चाँद अपने अँधेरे में टकराता है।
मेरे होंठ कहते हैं कुछ,
पर तुम सुन नहीं सकते,
और मैं तुम्हारे पास बैठा हूँ,
सिर्फ़ तुम्हारे होने की गर्मी में जलता हुआ।
तुम्हारे बिना, यह हवा भी भारी है,
तुम्हारे बिना, यह रातें अनंत हैं।
मैंने तुम्हारे लिए शब्द चुने,
लेकिन वे मेरे दिल में ही रह गए।
और फिर भी, मैं कहता हूँ—
But, I like you…
ना तुम्हारे जवाब के लिए,
ना तुम्हारे आने के लिए,
सिर्फ़ तुम्हारे होने के लिए।
तुम चले जाओ,
मैं तुम्हें नहीं रोकूँगा।
फिर भी, हर धड़कन में
तुम्हारी यादें,
सागर की तरह मेरी रूह को धोती हैं।
और मैं,
इस अनकही तन्हाई में,
तुम्हें जीता हूँ।
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