ये अच्छे कर्मों का ही नतीजा हैं कि
अंतिम यात्रा में भी हुजूम उमड़ आता हैं...!
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अच्छे कर्मों से ही जीवन की शान बनती है,
हर नेक नीयत से रूह महान बनती है।
जब विदा का वक्त आता है सफर-ए-आखिरी में,
भीड़ नहीं, मोहब्बत की पहचान बनती है।
हज़ारों दिल दुआओं से सजाते हैं राहें,
कर्म ही इंसान की सच्ची पहचान बनती है।
DB-ARYMOULIK
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