🌸 "माँ... तू बस माँ है" 🌸
माँ... तू सिर्फ़ एक शब्द नहीं,
तू पूरी एक दुनिया है।
तेरे बिना जो जिया,
वो बस साँसें थीं... ज़िंदगी नहीं।
जब मैं गिरा, तू चुपचाप संभल गई,
मेरे आँसू छुपाकर, खुद की आंखें नम कर गई।
तेरे आँचल में वो चैन है,
जो किसी मंदिर की घंटी में भी कम है।
तेरी गोद से बेहतर कोई तकिया नहीं,
तेरी दुआ से बड़ी कोई सुरक्षा नहीं।
हर मुश्किल में तू ढाल बनकर खड़ी रही,
तू थकती भी है — पर कभी दिखाती नहीं।
माँ, तू गुस्सा भी करे तो उसमें प्यार होता है,
तेरी डाँट में भी दवा जैसा असर होता है।
तू रूठ जाए तो लगता है खुदा नाराज़ है,
तू मुस्कुरा दे, तो पूरी कायनात साथ है।
मैं अगर कभी कुछ बन जाऊँ,
तो उसका कारण सिर्फ़ "तू" होगी।
और अगर कुछ न बन सकूँ,
तो भी मेरी सबसे बड़ी जीत — "तू" होगी।
माँ, तू बस माँ है…
तेरे जैसा कोई नहीं। ❤️