गांव बचपन खेल--
बचपन दुनिया से अनजाना बेगाना मौज मस्ती का तरंग तराना याराना नज़राना।!
माटी की खुशबू माटी चंदन मिट्टी में लोटना मिट्टी के संग मिट्टी का तन चिंता चतुराई से मुक्त बचपन का अपसाना।!
खेल कूद ही जिंदगी रूठना मनाना गांव की गलियों में लुका छिपी खेलना बचपन की दोस्ती शरारत में मिलना बिछड़ना।!
कबड्डी खेल बेमेल का मेल गांव में लोकप्रिय कबड्डी धन दौलत बैगैर भी खेल गांव परम्परा खेल स्वास्थ अनुष्ठान आराधना।
दौड़ना हांफना छोड़ना पकड़ना छुड़ाना सांसों का तोड़ना हड्डी की मजबूती कबड्डी खेलना।
गांव के बड़ई की कलाकारी लकड़ी का बैट कपड़े की गेंद क्रिकेट विलायती खेल देशी
गांव के बचपन का आधुनिक आकर्षक मेल।!
पेड़ों पर चढ़ना इस डाली से उस डाली कूदना उछलना ओला पाती बंदर की भांति गंवई खेल दोस्ती का मेल।!
मित्र मण्डली में आपसी सहयोग का योग एक दूजे का मनोयोग मैदान भाग दौड़ खेल प्रेम बचपन का योगक्षेम।!
सम्मिलित फुटबाल टीम भावना भाव खेल भावना बचपन की संस्कृति संस्कार संयोग।!
गांव की माटी की खुशबू पीपल की छांव प्राथमिक विद्यालय का मैदान।!
बाग बगीचे खेत खलिहान खेल जीवन स्वास्थ विकास के आयाम।!
कबड्डी, फुटबाल, ओला पाती, इंग्लिश क्रिकेट गांव बचपन की खासियत खेल।!
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश।