"अपना आनंद"
सरल, प्रेरणादायक कविता
जीवन एक तोहफ़ा है प्यारा,
क्यों भरते हो इसमें ग़म सारा?
मुस्कुराने का मौका मिला है,
फिर क्यों चेहरा उतरा हुआ मिला है?
हर दिन को त्योहार बनाओ,
अपना मन खुद ही सजाओ।
उदासी का पर्दा हटाओ,
खुशियों की रौशनी जलाओ।
छोटी-छोटी बातों में हँसो,
भीतर के सन्नाटों को सुनो।
संयम रखो, लालच छोड़ो
बस जो है, उसमें दिल जोड़ो।
आनंद कहीं बाहर नहीं है,
ये तो हमारे भीतर ही है।
बोझ नहीं, यह जीवन वरदान है,
सच्चा सुख - बस अपना आनंद है!