जब भी मैं अकेला रहता हूँ,
तो तुम मेरे खयालों में आ जाते हो ,
ऐसा क्या है तुझमें की मैं ड्रग्स की तरह
तुम्हारे पास खींचा चला आता हूँ ।
कभी कभी तो तुम ऐसे मिल जाती हो ,
मेरे खयालों में जैसे पानी में नमक मिल गया हो,
मुझे तुम्हारी याद बहुत आती है ,
जैसे सुबह सुबह चाय/कॉफी पीनी पड़ती है ,
वैसे मुझे तेरे खयालों को पीना पड़ता है.....!
Gautam Suthar