Marathi Quote in Poem by Savita Satav

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Marathi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

उंबरठा
असंख्य हुंदके,उमाळे दाबले जातात
शब्द आतल्या आत गोठले जातात
वेदनेचा महापूर अडवले जातात
उंबरठ्याच्या आत

इच्छा,आकांक्षा दूर लोटल्या जातात
कवितांची पाने मिटली जातात
स्वप्नांचे पंख अलगद छाटले जातात
उंबरठ्याच्या आत

खरा चेहरा लपवला जातो
मुखवटा खोटा चढवला जातो
आवाज अंतःकरणातील दडवला जातो
उंबरठ्याच्या आत

खोट सहज खपवल जात
डोळ्यातील पाणी लपवल जात
अपमानाच विष पचवल जात
उंबरठ्याच्या आत

काय काय अन किती किती
हिच तिच अन तुझ माझ
असच सहज सुटत जात
एक एक पान मिटत जात
उंबरठ्याच्या आत

सविता सातव २२-७-२०२१

Marathi Poem by Savita Satav : 111986073
New bites

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now