संत तुकाराम--आप भगवान् विट्ठल के भक्त थे। अकाल के समय आपकी पत्नी और आपके बेटे की भूख से मौत हो गयी थी। दूसरी पत्नी जीजा बाई बहुत कर्कशा थीं। आपको भगवान ने दर्शन देकर आपके प्राण बचाए। यह थी भगवान की संत तुकाराम पर कृपा। कृपा आप पर भी हो सकती है। नैशपीठ में हो रहे अखण्ड रामाधुन में आप आइए और अपने बच्चों को भी भेजिए। आपका शुभेच्छु, गणेश तिवारी पीठाधीश्वर नैशपीठ।