तुझे कभी बताया नहीं...
तुझे कभी बताया नहीं, लेकिन दिल में तेरी तस्वीर है,
वो तस्वीर, जिसमें तू खुद से ज्यादा करीब है।
कभी जब रातें गहरी होती थीं,
तेरी यादें चुपके से मेरे पास आती थीं।
तुझे देखने की ख्वाहिश थी, मगर देख नहीं सका,
कभी तुझे छूने की चाहत थी, मगर छू नहीं सका।
कभी सोचा था, तुझे बयाँ करूँ इन लफ़्ज़ों से,
पर जिन लफ़्ज़ों में तू समा जाए, वो कभी आये नहीं।
तुझे कभी बताया नहीं, लेकिन मैं तुझमें खो जाता हूँ,
कभी तुझे आवाज़ दी नहीं, लेकिन दिल से तुझे ढूंढ़ता हूँ।