नमन नमन में भेद है बहुत नमें नादान।
दगाबाज दुणा नमैं चीता चोर कमान।।
भावार्थ- अलग-अलग व्यक्ति अलग-अलग ढंग से नमन करते हैं। अतः सबके नमन करने में भिन्नता होती है, धोखेबाज , चोर और कमान और भी ज्यादा झुकते हैं। किन्तु इन सबका झुकना किसके लिए लाभकारी होता है?
दोहा :कबीर जी