जीवन में परिश्रम
परिश्रम ही जीवन का सार,
इसके बिना सब कुछ बेकार।
जो मेहनत से ना घबराए,
वही सफलता का सुख पाए।
बूंद-बूंद से सागर भरता,
धैर्य और श्रम संग चलता।
जो रोज़ पसीना बहाते हैं,
वे ही जग में नाम कमाते हैं।
सोना भी तपकर निखरता,
अंधकार में दीपक जलता।
जो संघर्षों से डर जाएगा,
वह जीवन में क्या पाएगा?
धूप-सर्दी, आंधी-पानी,
रुक न सके सच्चा इंसानी।
मेहनत जिसका धन होता,
भाग्य स्वयं उसके संग होता।
आओ हम सब संकल्प करें,
कभी न आलस को स्थान दें।
परिश्रम को अपनाएं हम,
सफलता को जीवन में लाएं हम!