अब कोई आदत ही नहीं रही तेरे जाने के बाद ,
न चाय की न कॉफ़ी की..
ना बातें अनकही सी कहने की..
ना दैर रात तक जागने की..
ना कुछ नया खान की ना कुछ बनाने की..
ना हंसने हंसाने की ना रोने की..
न जाने क्या हुआ मुझे तेरे जाने के बाद,
बस सब कुछ बदल गया
मेरा दूसरों के प्रति रवैया भी
मेरे बातें करने की वजह भी
अजनबियों की तरह अब जाने पहचाने लोग लगने लगे हैं
न जाने क्या हुआ मुझे तेरे जाने के बाद
बस एक आदत बन गई है
तुझे हर पल याद करने की
मेरी आदतें तुझसे ही जुड़ी हुई थी और तुझसे ही जुड़ी रहेगी
अब तू ही नहीं तो कैसी यह आदतें
बस एक ही आदत है तुझे याद करने की
वजह बेवजह तुझे याद करने की...
२८/०६/२२