💔पत्थर दिल 💔
कहते है पत्थर दिल,
कभी रोया नहीं करते
तो फिर पहाड़ों से ,
झरने क्या बहा करते।
दिल था कांच का, टूट गया धोखे से,
पत्थर का हो गया अब, बेरंगे से।
मोहब्बत की आग में जल गया था,
अब बर्फ की तरह ठंडा हो गयाधोखा दिया है तूने, बेवफा,
दिल को तोड़ा है, बिखरा सा।
धोखा देकर तू चला गया,
मुझे अकेला छोड़ गया।
अब किसी पर भरोसा नहीं,
दिल पत्थर का हो गया, मैं खो गया।
दिल पत्थर का, बेरहम सा,
किसने किया है, इतना कठोर सा।
आँसू बहाने की आदत नहीं,
पत्थर दिल को, दर्द नहीं छूता।
प्यार के सागर में, डूबने की चाहत नहीं,
पत्थर दिल को, किसी की बात नहीं लगती।
पत्थर दिल बन गई हूँ, अब,
तेरी यादों को नहीं दूँगी जगह।प्यार किया था तुझसे, बेपनाह,
धोखा मिला, बदले में क्या पाया।
पत्थर दिल बना गई हूँ, अब सबसे दूर, सबसे तन्हा।
तेरी यादो में खोई रहती हूँ,
अब कोई साथ नही रहता है।
दिल पत्थर हो गया, भावनाएं मर गईं,
अब मैं अकेला ही रह गई ।
ख्वाब टूट गए, सपने बिखर गए,
अब मैं खालीपन में जी रहा हूँ।
दिल पत्थर का हो गया, कोई नहीं समझता,
मैं अकेला ही रह गई हूं।
प्यार के धोखे ने मुझे तोड़ दिया,मैं अब मजबूत बन गई हूँ।
दिल पत्थर का हो गया, दर्द को सहन करना सीख गई ।
अब धोखे ने सिखाया जीना,
अब मैं किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती।
दिल पत्थर का हो गया, लेकिन मैं मजबूत हूँ।
तेरी यादें अब जख्म देती हैं,
हर पल तू ही नज़र आती है।
कितना प्यार दिया था, तूने तोड़ दिया,
अब दिल पत्थर का हो गया, मैं गुस्से से भर गई।