फासलों का फैसला आसान नहीं था,
कौन कहता है, दिल परेशान नही था ..
आंसू छिपे थे ख़ामोशी के पीछे,
कौन कहता है, दर्द का निशान नही था...
ख़्वाब देखा था एसे ही साथ होंने का,
कौन कहता है, कोई अरमान नही था ...
खत्म हो गई जिंदगी सामने मेरी,
कौन कहता है , मेरा नुकसान नहीं था ...
❣️❣️