सूरज की किरणों से सजी सुबह की बुनाई,
हर सुबह नयी उमंग, हर शाम नयी सजाई।
चाहत की गली में बसीं हैं कई ख़्वाइशें,
जिन्हें पूरा करने की चाहत है हृदय की तिश्नगी।
फूलों की खुशबू से महकतीं ये राहें,
चले जब भी इन हवाओं में, दिल को सुकून मिल जाए।
चाँद की चाँदनी में बसी हैं हसरतें पुरानी,
रात की चुप्प में सुनाई देतीं हैं कहानियाँ अनजानी।
तेरे मेरे रिश्ते की मिठास तो लफ्जों से परे है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताना, जैसे कोई सपना सरे है।
सपनों की इस दुनिया में रंग बिखेरते हैं हम,
तेरे बिना ये कहानी अधूरी, तेरे साथ में ही सही संग।