पहले जैसा कुछ भी नहीं रहा। सब कुछ बदल चुका है। आज के परिवेश में लोग इंसानों से ज्यादा पैसे को महत्व देने लगें हैं। आपको तो याद होगा एक जमाना था जब लोग एक दूसरे के लिए मर मिट जाया करते थे। अब इंसान, जानवर से भी ज्यादा तर्स्नाक हो चुका है। ख़ैर..मैं वो इंसान हूं जिसका कोई अपना नही।