#Strength
मैं और मेरे अह्सास
शराब पीने का मज़ा तो लेने दो l
सुहानी यादों का लुफ्त लेने दो ll
वैसे तो शक्ति की कीमत होती है l
जो मिल रहा वो मुफ़्त लेने दो ll
नजरों से पीला रहे हैं बेखौफ तो l
दुनिया से छुपाके तृप्त लेने दो ll
छुपते छुपाते आ रहीं हैं सखी l
छत पर जाकर गुप्त लेने दो ll
उजालों की और आगे बढ़ो l
सारे अँधेरे को लुप्त लेने दो ll
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह