कुछ वर्ष पहले तक मैं जानवर था। मेरे भीतर कोई समाजिक चेतना नहीं थी। मैं लोगों से बेवजह भीड़ जाता था। सभी स्त्रियों को प्रेमिका बनाने को सोचता था और प्रेम और दोस्ती में अंतर नही था। मैं खुद पर बोझ था। एक अजीब व्यक्ति था जो भीतर से भयानक और कमजोर था। अब खुद पर नियंत्रण सिख रहा हू।