विषय; अभी तक
सुनो जरा रुको तो सही बाबा....
अभी तुम सिर्फ पसंद हो हमें, इश्क नहीं हुआ है अभी तक हमें तुमसे।
अभी तो बस बातों का जरा सा सिलसिला तो शुरू हुआ है हमारे बीच में,
लेकिन अभी तक इश्क नहीं हुआ है हमे तुमसे...
थोड़ा गहरी बातें जब होगी, जब थोड़ा वक़्त हम तुम्हारे साथ बिताते...
थोड़ा तुम हम को जानते थोड़ा तुम हमको जानते...
तो शायद हो सकता था कुछ इश्क जेसा हमारे बीच..
अभी तो बस पसंद हो तुम मेरी...
पसंद से आगे तो कुछ तब होगा जब तुम भी ये चाहो जो मे चाहूँ।
तो सुनो अभी ये भ्रम से जरा बाहर आ जाओ मेरी जान क्यूँ की अभी तक तो हम अच्छे सच्चे गहरे दोस्त तक नहीं बने।