ग्पया मुफत माल पचावें, ईडी चारसो पार लगांवे
रागा अशोक सू अजमावें, वैभव सीबाआई रे लारे
माईन्स जमीना पेपर आउट, लोकतन्त्र में हुइया बाउट
हुड़दंगी दुदंभी फूंक, परिवार भायला दिनदुना हाउट
सिलेण्डर सिलेण्डर रोज रा हांका, बिलेण्डर की हर शाम
सबुता अभाव सुनया नी, बकवास अखबारी भरभराया दाम
चुनावी रण भेरी बजी, बाजी लगाइ हार
पांच साल सत्तर साल सबने ले निहार
डूगडूगी, डबका करे, जोर शोर सू शराब
अन्त नहीं छ लूटमार हरशाम ईमान खराब
दारू भ्रष्टाचार स्वरूपा गांधी दर्शन झूदिखलाय
खून खराबा, परिवारा बंटवाया, नेताजी लूटवाय
नकदी व्यापार शराब सू, सोव रिया सीबीआय
कुण रोके इण बिजनेश ने अपना हिस्सा पाय
..
जीमो रूप्या भाव सू, सता रे अभिमान सू
सिलेण्डर बिलेण्डर एक ही रेट सू आवे
एक रात क्या महीना बतावे
नुजवाना बोतल छोट रोड़ पे आवे
जनता सड़क नाली चढे बिल चिलावे
सिलेण्डर सिलेण्डर रोज रा हांका, बिलेण्डर की हर शाम
सबुता अभाव सुनया नी, बकवास अखबारी भरभराया दाम
सिलेण्डर सिलेण्डर रोज रा हांका, बिलेण्डर की हर शाम
सबुता अभाव सुनया नी, बकवास अखबारी भरभराया दाम
चुनावी रण भेरी बजी, बाजी लगाइ हार
पांच साल सत्तर साल सबने ले निहार
डूगडूगी, डबका करे, जोर शोर सू शराब
अन्त नहीं छ लूटमार हरशाम ईमान शबाब