हमदर्द .....
मैने कभी कहा नहीं,पर तु सुनता हे मुझे,
मैने कभी जताया नहीं,पर तु समझता हे मुझे,
मैने कभी जो लीखा नहीं, पर तु पढता हे मुझे,
मैने कभी जो महसुस किया हे..धड़कन हो तुम
मेरे हसने से हसना हे तेरा...रोने से रोना....
सच सच बताना ..कुछ तो राबता हे हमारा...?
तुने जो बताया नहीं "दर्द", वो हमदर्द हु मै🙆♂️
- हीना रामकबीर हरीयाणी