अक्सर कुछ अधूरे शेर ही ज्यादा मशहूर हैं -
अधूरा शेर - “ ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं “
पूरा शेर - “ भाँप ही लेंगे इशारा सर-ए-महफ़िल जो किया
ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं “
अधूरा शेर - “ वही होता है जो मंजूर ए ख़ुदा होता है “
पूरा शेर - “ ए सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है
वही होता है जो मंजूर ए ख़ुदा होता है “