अपने बच्चों को बताइए कि सत/असत क्या है?
अपने बच्चों को बताइए कि प्रस्थान त्रयी क्या है?
अपने बच्चों को बताइए कि दशावतार और जैव विकास में क्या सम्बन्ध है ?
अपने बच्चों को बताइए कि ध्रुव, प्रहलाद, श्रवण, नचिकेता, अष्ट्रावक्र, आचार्य शंकर, अपाला,घोषा, सुवर्चला, सावित्री, सूर्या, गार्गी कौन हैं ?
अपने बच्चों को बताइए कि वैदिक शब्द क्या है।
अपने बच्चों को संस्कृत सिखाइए।
अपने बच्चों को लोकगीतों के बारे में बताइए।
अपने बच्चों को लक्ष्मण गीता, विभीषण गीता, भगवद गीता के बारे में बताइए।
अपने बच्चों को साड़ी धोती पहनना सिखाइए।
अपने बच्चों को बताइए कि उनका सांस्कृतिक कोड क्या है ?
अपने बच्चों को हिंदी तिथि, मास, व्रत, अपने गोत्र का इतिहास, कुल का इतिहास, धर्म का अर्थ बताइए।
अपनें बच्चो को कुल देवी, कुल देवता, कुलाचार, ग्राम, स्थान देवता के बारे में बताइये ।
अपने बच्चों को महान पुर्वजों, उनके इतिहास, जीवन चरित्र के बारे में बताइये।
अपने बच्चे को सूर्य नमस्कार करना सिखाइए।
भले ही आप पर दुनिया की सारी सुख सुविधाएँ comfort हो पर बच्चों को अभावों में जीवन जीना, परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को एडजस्ट करना, जीवन में प्रमाणिक होना जरूर सिखाइये..
स्वयं को नहीं पता तो ढूँढिये,पढ़िए, जहाँ से मिले वहाँ से ज्ञान इकट्ठा कीजिये पर ये सब बच्चों को जरूर सिखाइये और बताइये..उनकी जिज्ञासा का समाधान कीजिये.. भागिए मत उनके प्रश्नों से..
हम भ्रम में जी रहे है कि ये महान संस्कृति और विरासत हमारी है.. जबकि ये बहुत बहुत जिम्मेदारी से, आजीवन कष्ट सहकर, सँघर्ष करके, बलिदान देकर हमारे पूर्वजों ने हमें दी है..की हम इसे आगे की पीढ़ी तक सुरक्षित पास ऑन करें..
अंत में बैलेंस शीट बनेगी तो इसमें हमारा गाड़ी, घर कपड़ा मकान संपत्ति वगरह कुछ नहीं लिखा जाएगा...बल्कि ये होगा कि इसने कैसा जीवन जिया है..? अपने धर्म , संस्कृति और विरासत को आगे ले जाने में क्या योगदान दिया है..?