सुनो तुम
तुम्हें चाय पर बुला रहा हूँ
सूरज डूबते ही
मतलब किसी होटल
या रेस्टोरेंट में नहीं
घर पर ठीक सुना मेरे घर
तुम कहती थी न मेरे होठों
का रंग चाय से मिलता हैं
उसी बात को साबित करने
क्या वाकई यें सच हैं
उसी बहाने बातें भी और
मुलाकाते भी हो जाएगी
निक राजपूत