अपने होंठों पर सजाना चाहता हूँ, 👌
आ तुझे मैं गुन गुनाना चाहता हूँ, 💐
कोई आँसू तेरे दामन पर गिरा कर, 🙌
बूँद को मोती बनाना चाहता हूँ, 🌷
थक गया मैं करते करते याद तुझको, 🌈
अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ, 🌺
जो बना वायस मेरी नाकामियों का, 😊
मैं उसी के काम आना चाहता हूँ, 🌼
छा रहा है सारी वस्ती पे अँधेरा, 🌻
रौशनी को घर जलाना चाहता हूँ, 🌈
फूल से पैकर तो निकले बे-मुरब्बत, 💐
मैं पत्थरों को आज़माना चाहता हूँ, 🌻
रह गयी थी कुछ कमी रुसवायिओं में
फिर क़तील उस दर पे जाना चाहता हूँ, 🌺
आखिरी हिचकी तेरे जाने पे आये, 🌈
मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ । 🌈🌺🌻🌻